हजारों श्रदालुओं ने छका भंडारे का प्रसाद

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कंचौसी क्षेत्र के घसापुरवा गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन गुरुवार को हवन एवं भंडारे के साथ हुआ। हवन समापन के बाद व्यास पीठ आचार्य सतीश भाई जी ने कहा कि आत्मा को जन्म व मृत्यु के बंधन से मुक्त कराने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना होगा। हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होने के सासाथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने से व्यक्ति के आचरण में भी बदलाव हो जाता है। भंडारे में हजारों श्रदालुओं ने प्रसाद को छका। सबसे पहले भंडारे का शुभारंभ साधु संन्यासियों और कन्या भोज के साथ किया गया। भंडारा तीन बजे से देर रात तक चालू रहा। इस अवसर पर  परीक्षित संतोष यादव अशोक मुनि, करन सिंह फौजी,सुखलाल यादव,सूरज नाथ सपेरा, संजीव यादव,प्रदीप यादव,राम आसरे यादव,सुरेश यादव पूर्व प्रधान, अजय यादव, बिमला देवी समेत भारी संख्या में श्रद्धालुजन सम्मिलित हुए।

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